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शनिवार, 29 जनवरी 2011


राजस्व मंत्री श्री अमर अग्रवाल की अध्यक्षता में रायपुर मंत्रालय में राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व श्री सुनील कुजुर सहित प्रदेश के सभी संभागायुक्त उपस्थित थे ऐसे प्रकरणों में जहां गलत अनुमति जारी की गई है उन प्रकरणों में जमीन संबंधित आदिवासी को वापस किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में नजूल पट्टे के नवीनीकरण की भी समीक्षा की गई।
     श्री अमर अग्रवाल ने प्रदेश में तालाबों, चारागाहों और सार्वजनिक उपयोग के ऐसे स्थानों के संरक्षण की आवश्यकता जतायी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इनके संरक्षण के लिए कड़े प्रावधान किए जाएं। वर्तमान स्थिति में सभी संभागों में सार्वजनिक उपयोग के स्थानों का सर्वेक्षण किया जाए और यह जांचा जाए कि सार्वजनिक उपयोग की जमीन का प्रयोजन तो नहीं बदला गया है। उन्होंने गलत प्रयोजन वाले प्रकरणों की संभागायुक्तों द्वारा नियमित समीक्षा और ऐसे प्रकरणों में कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
    राजस्व मंत्री ने सभी जिलों में नक्शा सहित सभी भू-अभिलेखों के अद्यतीकरण की जानकारी ली और निर्धारित सीमा 31 मार्च 2011 तक भू-अभिलेखों के अद्यतीकरण के निर्देश दिए हैं। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय भू-अभिलेख कम्प्यूटरीकरण योजना के तहत बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और राजनांदगांव , नारायणपुर  जिलों में कम्प्यूटरीकरण का कार्य संचालित किया जा रहा है । श्री अग्रवाल ने प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों और गैर अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों की जमीन को गैर आदिवासी को बेचने के प्रकरणों पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए सभी संभागायुक्तों को इसकी सतत् और गंभीरता से समीक्षा करने के निर्देश दिए।

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