बिलासपुर के अरपा विकास प्राधिकरण की दूसरी बैठक आज संपन हुई ,
अरपा के अमर विकास से जुडी बिलासपुर के अखबारों में सुर्खियों में रही कुछ खबरे
जल्द ही अरपा अमर विकास को पंख लगने वाले है
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बुधवार, 29 दिसंबर 2010
रविवार, 26 दिसंबर 2010
सीवरेज प्रोजेक्ट बिलासपुर
मेरा मानना है की एक विधायक से अपने शहर के विकास के लिए जितनी उमीदे रहती है , उस से ज्यादा विकास बिलासपुर में देखने को मिला है या कहु हो रहा है और आने वाले समय में अमर विकास की गारंटी है , बिलासपुर की तुलना अगर छत्तीसगढ़ के दुसरे शहरो से करे तो बात आपने आप समझ में आ जाएगी . मध्य प्रदेश के जबलपुर , इन्दोर,ग्वालियर ,भोपाल, को छोड़ कर बाकि पुरे मध्य प्रदेश के शहरो से तुलना करे तो बिलासपुर में जितना डेवलपमेंट हुआ है उस का आधा भी मध्य प्रदेश के बाकी के अन्य शहरो में नहीं हुआ होगा. मतलब की अगर बिलासपुर को 80/- मिला तो होशंगाबाद को 40/- से ज्यादा नहीं . ऐसा मेरा सोचना है .
बिलासपुर के सीवरेज प्रोजेक्ट पर अभी काम चल रह है पर कुछ लोग सीवरेज प्रोजेक्ट बिलासपुर को फेल मानते है और भूल जाते है की जब हम कोई बड़े शहर या महानगरो से हमारे यहाँ कोई मेहमान आता है तो पहली बात यही बोलता है की यहाँ मच्छर बहुत है ! और गंदगी बहुत है .हमारा बहुत बड़ा घर,हमारा बड़ा सा व्यपार , कार, बिजली कटोती मुक्त राज्य एक छोटे से शब्द के आगे एक दम बोना पड़ जाता है सिर्फ यह एक छोटी सी बात है .हम को आज में जीने की आदत से पड़ गयी है हम आने वाले कल की नहीं सोचते है ! बिलासपुर का सीवरेज प्रोजेक्ट आने वाले समय की सेप्टिक टेंक की गंदगी जो वर्तमान में भी है उस समस्या को ध्यान में रख कर बनया जा रहा है ! इस से न केवल मछर ,गंदगी, बदबू से छुटकारा मिलेगा बल्कि मलेरिया, फायलेरिया, पीलिया और भी बहुत से बीमारियों से मुक्ति मिलेगी. लन्दन में सन १८०० के आसपास से सीवर लाइन का उपयोग हो रहा है हम लोग कितना पीछे है ! हमारे पास लैपटॉप भी है महगा मोबाईल भी है ब्रांड का जूता भी पहना है पर साथ में सीवर की गंदगी भी लेकर चलते है . भले ही पीलिया हो गया हो पर यह कुछ लोग सीवरेज प्रोजेक्ट बिलासपुर की बुराई करना नहीं छोड़ेंगे. लोगो को मानसिकता बदलने की जरुरत है और विज्ञानं और तकनीको पर विस्वास करने की आदत डालनी चाहिए.यही समय की मांग और विकास का सार है
अब सवाल यह उठता है की मैं यह सब बाते क्यों कर रहा हु ...न तो मैं किसी राजनितिक पार्टी से जुड़ा हु और ना ही मेरा कोई अपना सवार्थ है मैं तकनीकी कार्य से जुड़ा हुआ हु और मेरे अन्दर का आर्किटेक्टर मुझे मेरे शहर से जुडी कुछ बाते जो कुछ लोग नहीं जानते यह कहने अप लिए प्रेरित करता रहता है
बिलासपुर का सीवरेज प्रोजेक्ट कोई नया नहीं है सीवरेज प्रोजेक्ट वर्तमान में श्री गंगा नगर, उदयपुर, अजमेर, रोपड़,अमृतसर बीकानेर ,गाजियाबाद ,और भी भी बहुत से जगहों मर चल रहा है पर बिलासपुर के जैसे शहरो से तुलना करने पर एक बात नज़र आई है की यहाँ का जो प्रोजेक्ट है वो काफी बड़ा है और तकनिकी रूप से बहुत अच्छा है . ऐसा और भी कई तकनिकी जानकार कहते है
सीवरेज बिलासपुर के विकास के लिए एक प्रमुख जरुरत है हम को इसे तकलीफों भरा एक सरकारी योजना नहीं समझना चाहिए ये हमें हमारे स्वस्थ को तकलीफों से बचने का एक कदम है इसे समझना चाहिए
बिलासपुर के सीवरेज प्रोजेक्ट पर अभी काम चल रह है पर कुछ लोग सीवरेज प्रोजेक्ट बिलासपुर को फेल मानते है और भूल जाते है की जब हम कोई बड़े शहर या महानगरो से हमारे यहाँ कोई मेहमान आता है तो पहली बात यही बोलता है की यहाँ मच्छर बहुत है ! और गंदगी बहुत है .हमारा बहुत बड़ा घर,हमारा बड़ा सा व्यपार , कार, बिजली कटोती मुक्त राज्य एक छोटे से शब्द के आगे एक दम बोना पड़ जाता है सिर्फ यह एक छोटी सी बात है .हम को आज में जीने की आदत से पड़ गयी है हम आने वाले कल की नहीं सोचते है ! बिलासपुर का सीवरेज प्रोजेक्ट आने वाले समय की सेप्टिक टेंक की गंदगी जो वर्तमान में भी है उस समस्या को ध्यान में रख कर बनया जा रहा है ! इस से न केवल मछर ,गंदगी, बदबू से छुटकारा मिलेगा बल्कि मलेरिया, फायलेरिया, पीलिया और भी बहुत से बीमारियों से मुक्ति मिलेगी. लन्दन में सन १८०० के आसपास से सीवर लाइन का उपयोग हो रहा है हम लोग कितना पीछे है ! हमारे पास लैपटॉप भी है महगा मोबाईल भी है ब्रांड का जूता भी पहना है पर साथ में सीवर की गंदगी भी लेकर चलते है . भले ही पीलिया हो गया हो पर यह कुछ लोग सीवरेज प्रोजेक्ट बिलासपुर की बुराई करना नहीं छोड़ेंगे. लोगो को मानसिकता बदलने की जरुरत है और विज्ञानं और तकनीको पर विस्वास करने की आदत डालनी चाहिए.यही समय की मांग और विकास का सार है
अब सवाल यह उठता है की मैं यह सब बाते क्यों कर रहा हु ...न तो मैं किसी राजनितिक पार्टी से जुड़ा हु और ना ही मेरा कोई अपना सवार्थ है मैं तकनीकी कार्य से जुड़ा हुआ हु और मेरे अन्दर का आर्किटेक्टर मुझे मेरे शहर से जुडी कुछ बाते जो कुछ लोग नहीं जानते यह कहने अप लिए प्रेरित करता रहता है
बिलासपुर का सीवरेज प्रोजेक्ट कोई नया नहीं है सीवरेज प्रोजेक्ट वर्तमान में श्री गंगा नगर, उदयपुर, अजमेर, रोपड़,अमृतसर बीकानेर ,गाजियाबाद ,और भी भी बहुत से जगहों मर चल रहा है पर बिलासपुर के जैसे शहरो से तुलना करने पर एक बात नज़र आई है की यहाँ का जो प्रोजेक्ट है वो काफी बड़ा है और तकनिकी रूप से बहुत अच्छा है . ऐसा और भी कई तकनिकी जानकार कहते है
सीवरेज बिलासपुर के विकास के लिए एक प्रमुख जरुरत है हम को इसे तकलीफों भरा एक सरकारी योजना नहीं समझना चाहिए ये हमें हमारे स्वस्थ को तकलीफों से बचने का एक कदम है इसे समझना चाहिए
शुक्रवार, 3 दिसंबर 2010
एक सूफी कथा
यह एक सूफी कथा है. किसी गाँव में एक बहुत सरल स्वभाव का आदमी रहता था. वह लोगों को छोटी-मोटी चीज़ें बेचता था. उस गाँव के सभी निवासी यह समझते थे कि उसमें निर्णय करने, परखने और आंकने की क्षमता नहीं थी. इसीलिए बहुत से लोग उससे चीज़ें खरीदकर उसे खोटे सिक्के दे दिया करते थे. वह उन सिक्कों को ख़ुशी-ख़ुशी ले लेता था. किसी ने उसे कभी भी यह कहते नहीं सुना कि ‘यह सही है और यह गलत है’. कभी-कभी तो उससे सामान लेनेवाले लोग उसे कह देते थे कि उन्होंने दाम चुका दिया है, और वह उनसे पलटकर कभी नहीं कहता था कि ‘नहीं, तुमने पैसे नहीं दिए हैं’. वह सिर्फ इतना ही कहता ‘ठीक है’, और उन्हें धन्यवाद देता.
दूसरे गाँवों से भी लोग आते और बिना कुछ दाम चुकाए उससे सामान ले जाते या उसे खोटे पैसे दे देते. वह किसी से कोई शिकायत नहीं करता.
समय गुज़रते वह आदमी बूढ़ा हो गया और एक दिन उसकी मौत की घड़ी भी आ गयी. कहते हैं कि मरते हुए ये उसके अंतिम शब्द थे: – “मेरे खुदा, मैंने हमेशा ही सब तरह के सिक्के लिए, खोटे सिक्के भी लिए. मैं भी एक खोटा सिक्का ही हूँ, मुझे मत परखना. मैंने तुम्हारे लोगों का फैसला नहीं किया, तुम भी मेरा फैसला मत करना.”
ऐसे आदमी को खुदा कैसे परखता .??
गुरुवार, 2 दिसंबर 2010
अमर विकास
भारतीय लोकतांत्रितक व्यवस्था में विपक्ष के नजरिये से देखने सब काल्पनिक बाते लगेगी.
एक आर्किटेक्ट के नजरिये से देखो तो लगता है की बिलासपुर में कितना काम हो रहा है और जो प्रोजेक्ट बिलासपुर में चल रहे है वो बड़ते हुए शहर के लिए जरुरी है चाहे वो सीवरेज हो या बाइपास या सुनहरे कल की कदम मिलाता हुआ अरपा विकास प्राधिकरण अमर विकास का नाम लेता हुआ बिलासपुर आने वाले समय में देश में आपनी अलग पहचान बनने वाला है रेल्वे जोन ,सीपत ntpcऔर एशिया के सबसे बड़े हाई कोर्ट राज्य बाने के बाद छत्तीसगढ़ के पहले सीवरेज प्रोजेक्ट चंडीगड़ के बाद दूसरा हाई टेक बस स्टैंड के बाद छत्तीसगढ़ पहले ट्राफिक पार्क और भी कुछ समय बाद बिलासपुर ऐसा शहर बाने वाला है जिसने आने वाले ३० से ४० सालो के लिए पिने के पानी की व्यवस्था कर ली है कितना सारा अमर विकास बिलासपुर में चल रह है थक जाओगे.... जिसकी गिनती नहीं हो सकती ऐसा ही कुछ बिलासपुर में अमर विकास चल रहा है
विपक्ष भलीभांति जनता है. तभी तो मौन बैठा है क्योकि अब विकास के विरोध का समय जा चूका है विकास की रह में रोड़ा अटकने वालो को आने वाले समय में समाज कभी माफ़ नहीं करेगा. अब लोगो की सोच में भी विकास की झलक देखने को मिल रही है बिहार का परिणाम सामने है
एक आर्किटेक्ट के नजरिये से देखो तो लगता है की बिलासपुर में कितना काम हो रहा है और जो प्रोजेक्ट बिलासपुर में चल रहे है वो बड़ते हुए शहर के लिए जरुरी है चाहे वो सीवरेज हो या बाइपास या सुनहरे कल की कदम मिलाता हुआ अरपा विकास प्राधिकरण अमर विकास का नाम लेता हुआ बिलासपुर आने वाले समय में देश में आपनी अलग पहचान बनने वाला है रेल्वे जोन ,सीपत ntpcऔर एशिया के सबसे बड़े हाई कोर्ट राज्य बाने के बाद छत्तीसगढ़ के पहले सीवरेज प्रोजेक्ट चंडीगड़ के बाद दूसरा हाई टेक बस स्टैंड के बाद छत्तीसगढ़ पहले ट्राफिक पार्क और भी कुछ समय बाद बिलासपुर ऐसा शहर बाने वाला है जिसने आने वाले ३० से ४० सालो के लिए पिने के पानी की व्यवस्था कर ली है कितना सारा अमर विकास बिलासपुर में चल रह है थक जाओगे.... जिसकी गिनती नहीं हो सकती ऐसा ही कुछ बिलासपुर में अमर विकास चल रहा है
विपक्ष भलीभांति जनता है. तभी तो मौन बैठा है क्योकि अब विकास के विरोध का समय जा चूका है विकास की रह में रोड़ा अटकने वालो को आने वाले समय में समाज कभी माफ़ नहीं करेगा. अब लोगो की सोच में भी विकास की झलक देखने को मिल रही है बिहार का परिणाम सामने है
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