लोकप्रिय पोस्ट

रविवार, 26 दिसंबर 2010

सीवरेज प्रोजेक्ट बिलासपुर

मेरा मानना है की एक विधायक से अपने शहर के विकास के लिए जितनी उमीदे रहती है , उस से ज्यादा विकास बिलासपुर में देखने को मिला है या कहु हो रहा है और आने वाले समय में अमर विकास की गारंटी है , बिलासपुर की तुलना अगर छत्तीसगढ़  के दुसरे शहरो से करे तो बात आपने आप समझ में आ जाएगी . मध्य प्रदेश के जबलपुर , इन्दोर,ग्वालियर ,भोपाल, को छोड़ कर बाकि पुरे  मध्य प्रदेश के शहरो से तुलना करे तो बिलासपुर में जितना डेवलपमेंट हुआ है उस का आधा भी  मध्य प्रदेश के बाकी के अन्य शहरो में नहीं हुआ होगा. मतलब की अगर बिलासपुर को 80/- मिला तो होशंगाबाद  को 40/- से ज्यादा नहीं . ऐसा मेरा सोचना है .

 बिलासपुर के सीवरेज प्रोजेक्ट पर अभी काम चल रह है पर  कुछ लोग सीवरेज प्रोजेक्ट बिलासपुर  को फेल मानते है और भूल जाते है की जब हम कोई बड़े शहर या महानगरो से हमारे यहाँ कोई मेहमान आता है तो पहली बात यही बोलता है की यहाँ मच्छर  बहुत है ! और गंदगी बहुत है .हमारा बहुत बड़ा घर,हमारा बड़ा सा व्यपार , कार, बिजली कटोती मुक्त राज्य एक छोटे से शब्द के आगे एक दम बोना पड़ जाता है सिर्फ यह एक छोटी सी बात है .हम को आज में जीने की आदत से पड़ गयी है हम आने वाले कल की नहीं सोचते है ! बिलासपुर का सीवरेज प्रोजेक्ट आने वाले समय की सेप्टिक टेंक की गंदगी जो वर्तमान में भी है उस  समस्या को ध्यान में रख  कर बनया जा रहा है ! इस से न केवल  मछर ,गंदगी,  बदबू से छुटकारा मिलेगा बल्कि मलेरिया, फायलेरिया, पीलिया और भी बहुत से बीमारियों से मुक्ति मिलेगी. लन्दन में सन १८०० के आसपास से सीवर लाइन का उपयोग हो रहा है हम लोग कितना पीछे है ! हमारे पास लैपटॉप भी है महगा मोबाईल भी है ब्रांड का जूता भी पहना है पर साथ में सीवर की गंदगी भी लेकर चलते है . भले ही  पीलिया हो गया हो पर यह कुछ लोग  सीवरेज प्रोजेक्ट बिलासपुर की बुराई करना नहीं छोड़ेंगे. लोगो को मानसिकता बदलने की जरुरत है और विज्ञानं और तकनीको पर विस्वास करने की आदत डालनी चाहिए.यही समय की मांग और विकास का सार है
अब सवाल यह उठता है की मैं यह सब बाते क्यों कर रहा हु ...न तो मैं किसी राजनितिक पार्टी से जुड़ा हु और ना ही मेरा कोई अपना सवार्थ है मैं  तकनीकी कार्य से  जुड़ा हुआ हु और मेरे अन्दर का आर्किटेक्टर मुझे मेरे शहर से जुडी कुछ बाते जो कुछ लोग नहीं जानते यह कहने अप लिए प्रेरित करता रहता है
 बिलासपुर का सीवरेज प्रोजेक्ट कोई नया नहीं है  सीवरेज प्रोजेक्ट वर्तमान  में श्री गंगा नगर, उदयपुर, अजमेर, रोपड़,अमृतसर बीकानेर ,गाजियाबाद ,और भी भी बहुत से जगहों मर चल रहा है पर बिलासपुर के जैसे शहरो से तुलना करने पर एक बात नज़र आई है की यहाँ का जो प्रोजेक्ट है वो काफी बड़ा है और तकनिकी रूप से बहुत अच्छा है . ऐसा और भी कई तकनिकी जानकार कहते है
सीवरेज बिलासपुर के विकास के लिए एक प्रमुख जरुरत है हम को इसे तकलीफों भरा एक सरकारी योजना नहीं समझना चाहिए ये हमें हमारे स्वस्थ को तकलीफों से बचने का एक कदम है इसे समझना चाहिए   

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें