मेरा मानना है की एक विधायक से अपने शहर के विकास के लिए जितनी उमीदे रहती है , उस से ज्यादा विकास बिलासपुर में देखने को मिला है या कहु हो रहा है और आने वाले समय में अमर विकास की गारंटी है , बिलासपुर की तुलना अगर छत्तीसगढ़ के दुसरे शहरो से करे तो बात आपने आप समझ में आ जाएगी . मध्य प्रदेश के जबलपुर , इन्दोर,ग्वालियर ,भोपाल, को छोड़ कर बाकि पुरे मध्य प्रदेश के शहरो से तुलना करे तो बिलासपुर में जितना डेवलपमेंट हुआ है उस का आधा भी मध्य प्रदेश के बाकी के अन्य शहरो में नहीं हुआ होगा. मतलब की अगर बिलासपुर को 80/- मिला तो होशंगाबाद को 40/- से ज्यादा नहीं . ऐसा मेरा सोचना है .
बिलासपुर के सीवरेज प्रोजेक्ट पर अभी काम चल रह है पर कुछ लोग सीवरेज प्रोजेक्ट बिलासपुर को फेल मानते है और भूल जाते है की जब हम कोई बड़े शहर या महानगरो से हमारे यहाँ कोई मेहमान आता है तो पहली बात यही बोलता है की यहाँ मच्छर बहुत है ! और गंदगी बहुत है .हमारा बहुत बड़ा घर,हमारा बड़ा सा व्यपार , कार, बिजली कटोती मुक्त राज्य एक छोटे से शब्द के आगे एक दम बोना पड़ जाता है सिर्फ यह एक छोटी सी बात है .हम को आज में जीने की आदत से पड़ गयी है हम आने वाले कल की नहीं सोचते है ! बिलासपुर का सीवरेज प्रोजेक्ट आने वाले समय की सेप्टिक टेंक की गंदगी जो वर्तमान में भी है उस समस्या को ध्यान में रख कर बनया जा रहा है ! इस से न केवल मछर ,गंदगी, बदबू से छुटकारा मिलेगा बल्कि मलेरिया, फायलेरिया, पीलिया और भी बहुत से बीमारियों से मुक्ति मिलेगी. लन्दन में सन १८०० के आसपास से सीवर लाइन का उपयोग हो रहा है हम लोग कितना पीछे है ! हमारे पास लैपटॉप भी है महगा मोबाईल भी है ब्रांड का जूता भी पहना है पर साथ में सीवर की गंदगी भी लेकर चलते है . भले ही पीलिया हो गया हो पर यह कुछ लोग सीवरेज प्रोजेक्ट बिलासपुर की बुराई करना नहीं छोड़ेंगे. लोगो को मानसिकता बदलने की जरुरत है और विज्ञानं और तकनीको पर विस्वास करने की आदत डालनी चाहिए.यही समय की मांग और विकास का सार है
अब सवाल यह उठता है की मैं यह सब बाते क्यों कर रहा हु ...न तो मैं किसी राजनितिक पार्टी से जुड़ा हु और ना ही मेरा कोई अपना सवार्थ है मैं तकनीकी कार्य से जुड़ा हुआ हु और मेरे अन्दर का आर्किटेक्टर मुझे मेरे शहर से जुडी कुछ बाते जो कुछ लोग नहीं जानते यह कहने अप लिए प्रेरित करता रहता है
बिलासपुर का सीवरेज प्रोजेक्ट कोई नया नहीं है सीवरेज प्रोजेक्ट वर्तमान में श्री गंगा नगर, उदयपुर, अजमेर, रोपड़,अमृतसर बीकानेर ,गाजियाबाद ,और भी भी बहुत से जगहों मर चल रहा है पर बिलासपुर के जैसे शहरो से तुलना करने पर एक बात नज़र आई है की यहाँ का जो प्रोजेक्ट है वो काफी बड़ा है और तकनिकी रूप से बहुत अच्छा है . ऐसा और भी कई तकनिकी जानकार कहते है
सीवरेज बिलासपुर के विकास के लिए एक प्रमुख जरुरत है हम को इसे तकलीफों भरा एक सरकारी योजना नहीं समझना चाहिए ये हमें हमारे स्वस्थ को तकलीफों से बचने का एक कदम है इसे समझना चाहिए
लोकप्रिय पोस्ट
-
भारतीय लोकतांत्रितक व्यवस्था में विपक्ष के नजरिये से देखने सब काल्पनिक बाते लगेगी . एक आर्किटेक्ट के नजरिये से देखो तो लगता है की बिलासपुर...
-
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के प्रति छत्तीसगढ़ के स्वास्थ विभाग की कार्यो के प्रति सजगता और कसावट हाल ही में देखने को मिली जब एक महत्वपू...
-
सिकल सेल अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन छत्तीसगढ़ से जुडी कुछ महत्वपूर्ण खबरे सिकल सेल पर राजधानी रायपुर में 22 नवम्बर से आयोजित चौंथे अंतर्राष्...
-
अनादिकाल से मनुष्य के जीवन में नदियों का महत्व रहा है . विश्व की प्रमुख संस्कृतियाँ नदियों के किनारे विकसित हुई हैं. भारत में सिन्धु घाटी क...
-
बिलसपुर में हम ने सडक सुरक्षा की पहल की हम ने एक ऐसी शुरुवात की है जो पता नहीं कहा तक जाएगी शुरुवात में तो मुझे लगा की मैं कुछ ऐ...
-
एक सवाल क्या गाँव में किसान रहते है हां रहते है तो वो कौन लोग है वे सिफ्र गोँव के संपन लोग है और बाकि ग्रमीण लोग कौन है क्या द...
-
एक आम इन्सान का कलेजा छाती के बायीं ओर होता है, लेकिन छत्तीसगढ़ के रायपुर के राजेन्द्र नगर में रहने वाले ५५ वर्षीय कृष्णा खंदार का दिल छाती ...
-
श्री अमर अग्रवाल की स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की भावी योजनाएं- आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा- किसी भी जरूरतमंद मरीज को तत्काल अस्पताल त...
-
स्वास्थ्य बीमा योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना : छत्तीसगढ़ में बीस हजार से ज्यादा मरीजों को मिली 9.13 करोड़ की सहायता कार्ड और इलाज...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें