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रविवार, 20 फ़रवरी 2011



ऑन लाईन  स्वस्थ सुविधा को जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन का एक अभिनव प्रयास है  
ग्रामीण क्षेत्रों के सभी गर्भवती माताओं और एक वर्ष तक के सभी बच्चों का ऑन लाईन रिकार्ड रखने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है
 इसके लिए ई-महतारी के नाम से नयी योजना शुरू की गई है मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने  ई-महतारी योजना का शुभारंभ किया इस योजना से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की सभी गर्भवती माताओं और बच्चों का ऑन लाईन रिकार्ड रखना संभव होगा और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर सुलभ कराई जा सकेगी
    छत्तीसगढ़  में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अब तक का यह सबसे महत्वपूर्ण काम की शुरूआत हुई है प्रत्येक जच्चा-बच्चा का रिकार्ड ऑन लाईन होने से मातृ एवं शिशु कल्याण कार्यक्रमों की बेहतर मानीटरिंग की जा सकेगी और इसके माध्यम से मातृ और शिशु मृत्यु दर में अपेक्षित कमी लाने में सफलता मिलेगी।और आने वाले समय में   इसके अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने इस योजना के शुभारंभ के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल और विभागीय सचिव श्री विकासशील सहित पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह प्रशंसनीय प्रयास है।
    स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि एनआईसी के सहयोग से ई-महतारी साफ्टवेयर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि पहले जच्चा-बच्चा का रिकार्ड रखने के लिए ए.एन.एम. को पन्द्रह प्रकार की पंजी संधारित करनी होती थी। अब मातृ और शिशु कार्यक्रम से संबंधित  सभी कार्यक्रमों की एक ही पंजी होगी। पंजी में प्रत्येक गर्भवती माता और एक वर्ष तक के बच्चों के लिए आवश्यक सभी स्वास्थ्य सेवाओं का  पूरा रिकार्ड रखा जाएगा और ए.एन.एम. द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर उस डाटा को ऑन लाईन अपडेट किया जा सकेगा  इसके बाद प्रत्येक महीने सेक्टर स्तर पर आयोजित बैठक में सभी मितानिनों को जॉब कार्ड दिया जाएगा, जिसमें टीकाकरण तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से छूटे माताओं एवं बच्चों को सेवाएं प्रदान किये जाने का उल्लेख होगा। ए.एन.एम. इस जॉब कार्ड को लेकर गांवों में जाएंगी और गर्भवती माताओं और बच्चों का टीकाकरण करके जॉब कार्ड पुन: विकासखंड स्तर पर प्रस्तुत करेंगी, जिसे सर्वर में फीड किया जाएगा

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